लेनदेन शुल्क लगा तो ज्यादातर यूजर्स बंद कर देंगे UPI का इस्तेमाल, पढ़े पूरी रिपोर्ट

UPi Survey: लोकलसर्किल की तरफ से कुछ समय पहले एक ऑनलाइन सर्वे किया गया था। इस सर्वे के अंदर भारतीय नागरिकों से इस बात का सर्वे किया गया था भारत में ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा यूपीआई पर शुल्क लगाने से संबंधित था। इस सर्वे के मुताबिक यह पता चला कि ज्यादातर यूजर्स यूपीआई पर शुल्क लगाने के बाद यूपीआई का इस्तेमाल करना बंद कर देंगे। यूपीआई की सर्विस पर शुल्क लगाने को लेकर कई साल पहले भी सर्वे किए गए और इस बात पर जोर दिया गया। लेकिन लोकलसर्किल की तरफ से किए गए प्रयासों में पता चला कि ज्यादातर भारतीय यूजर्स यूपीआई पर शुल्क लगने के बाद यूपीआई का इस्तेमाल करना बंद कर देंगे।

34,000 हजार से ज्यादा लोगो ने दी अपनी राय

लोकलसर्किल मैं रविवार के दिन अपना ऑनलाइन सर्वे किया यह ऑनलाइन सर्वे 364 जिलों में किया गया लोकलसर्किल की तरफ से किए गए इस ऑनलाइन सर्वे में 34000 से ज्यादा लोगों ने अपनी राय दी इस ऑनलाइन सर्वे में भाग लेने वाले 67% पुरुष थे और 33 प्रतिशत महिलाएं थी। साल 2022 में भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से यूपीआई पर शुल्क लगाने से संबंधित एक चर्चा पत्र जारी किया। इस चर्चा पत्र के अंदर यूपीआई के अलग-अलग पेमेंट पर शुल्क चार्ज लगाने की बात की गई थी। लेकिन फिर बाद में वित्त मंत्रालय की तरफ से इस चर्चा पत्र के अंदर यूपीआई पर शुल्क लगाने की बात को पूरी तरीके से रद्द कर दिया गया

73% लोगो ने कहा Upi शुल्क नही देगे

किए गए ऑनलाइन सर्वे से यह पता चला है की 23% लोग यूपीआई पर शुल्क लगाने के बाद यूपीआई भुगतान पर शुल्क देने के लिए तैयार हैं और अपि को लगातार इस्तेमाल करते रहेंगे लेकिन वही 73% लोगों ने यूपीआई पर शुल्क लगाने की बात पर कहां की अगर यूपीआई पर शुल्क लगाया जाता है तो हम यूपीआई पर शुल्क नहीं देंगे और अपि का इस्तेमाल करना बंद कर देंगे किए गए इस ऑनलाइन सर्वे के जरिए यह पता चला कि 50% लोग महीने में केवल 10 से अधिक यूपीआई के जरिए भुगतान करते हैं

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